NASA के पहले मंगल हेलिकॉप्टर को मिला नाम, भारतीय मूल की छात्रा को क्रेडिट – indian origin girl vaneeza rupani gets honour of naming nasa first mars helicopter

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  • नासा ने एक प्रतियोगिता के जरिए नाम मांगे थे
  • ‘नेवर द रोवर’ प्रतियोगिता में सुझाया था नाम
  • नाम के लिए देशभर से आए 28 हजार निबंध

कोरोना वायरस के कहर के बीच एक अच्छी खबर यह है कि अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा के पहले मंगल हेलिकॉप्टर को अब उसका नाम मिल गया और इसका श्रेय भारतीय मूल की 17 वर्षीय छात्रा वनीजा रूपाणी को जाता है.

अमेरिका के अल्बामा के नॉर्थपोर्ट के एक जूनियर हाईस्कूल की छात्रा रूपाणी ने नासा की ओर से आयोजित ‘नेवर द रोवर’ प्रतियोगिता में अपना निबंध प्रस्तुत करने के बाद हेलिकॉप्टर के नामकरण को लेकर सम्मान अर्जित किया.

वनीजा ने सुझाया ‘इंजनुइटी’

यांत्रिक ऊर्जा और प्रणोदन प्रणाली से युक्त नासा के मंगल हेलिकॉप्टर को आधिकारिक रूप से नामकरण के बाद अब ‘इंजनुइटी’ कहा जाएगा.

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छात्रा वनीजा रूपाणी ने ही इस हेलिकॉप्टर के लिए यह नाम सुझाया था जिसे नासा की ओर से स्वीकार कर लिया गया.

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मार्च में घोषणा की थी कि उसके अगले रोवर का नाम ‘पर्सविरन्स’ होगा जो सातवीं कक्षा के छात्र एलेक्जलेंडर मैथर के निबंध पर आधारित है.

नासा ने मंगल ग्रह पर रोवर के साथ जाने वाले हेलिकॉप्टर का नामकरण करने का भी निर्णय किया था. नासा ने अपने ट्वीट में कहा, ‘हमारे मार्स हेलिकॉप्टर को नया नाम मिल गया है. मिलिए: इंजनुइटी से. छात्रा वनीजा रूपाणी ने ‘नेम द रोवर’ प्रतियोगिता के दौरान नामकरण किया. ‘इंजनुइटी’ दूसरी दुनिया में पहली यांत्रिक ऊर्जा उड़ान के प्रयास के तहत लाल ग्रह पर ‘पर्सविरन्स’ के साथ जाएगा.’

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नासा ने इस संबंध में बुधवार को घोषणा की. अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार वनीजा रूपाणी की प्रविष्टि 28 हजार निबंधों में शामिल थी जिसमें अमेरिका के हर राज्य और क्षेत्र के छात्रों ने हिस्सा लिया था.

नासा की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार वनीजा रूपाणी ने अपने निबंध में लिखा, ‘इंजनुइटी वह चीज है जो अद्भुत चीजें सिद्ध करने में लोगों की मदद करता है. यह ब्रह्मांड के हर कोने में हमारे क्षितिजों को विस्तारित करने में मदद करेगा’

बचपन से ही अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि

वनीजा की इस उपलब्धि पर मां नौशीन रूपाणी ने कहा कि उनकी बेटी बचपन से ही अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखती थी.

‘इंजनुइटी’ और ‘पर्सविरन्स’ के जुलाई में प्रक्षेपण का कार्यक्रम है और ये अगले साल फरवरी में मंगल ग्रह के जेजेरो गड्ढे में उतरेंगे जो 3.5 अरब वर्ष पूर्व अस्तित्व में आई एक झील का स्थल है.

नासा ने कहा कि रोवर जहां मंगल के नमूने एकत्र करेगा, वहीं हेलिकॉप्टर वहां उड़ने की कोशिश करेगा और यदि सब कुछ ठीक रहा तो यह भविष्य के मंगल अन्वेषण अभियानों में हवाई आयाम को भी जोड़ेगा.

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